आतिशी दिल्ली की नई मुख्यमंत्री होंगी। इस बारे में आम आदमी पार्टी के नेता गोपाल राय ने मंगलवार को मीडिया को जानकारी दी। सीएम चुने जाने के बाद आतिशी ने कहा, ”जब तक मैं सीएम हूं, मेरा एक ही मकसद है कि अरविंद केजरीवाल को दोबारा सीएम बनाना है। साथ ही मैं दिल्ली के लोगों की रक्षा करने की कोशिश करुंगी। मैं अरविंद केजरीवाल के मार्गदर्शन में काम करुंगी।
केजरीवाल के इस्तीफे पर क्या बोला?
अरविंद केजरीवाल के इस्तीफ़े पर आतिशी ने कहा, “मुझे इस बात का दुख भी है कि आज अरविंद केजरीवाल इस्तीफ़ा दे रहे हैं. मैं आज दिल्ली की दो करोड़ जनता की तरफ़ से यही कहना चाहती हूं कि दिल्ली का एक ही मुख्यमंत्री है और उसका नाम अरविंद केजरीवाल है.” इससे पहले गोपाल राय ने कहा कि आतिशी मुश्किल हालात में दिल्ली की सीएम बन रही हैं.
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अरविंद केजरीवाल के इस्तीफ़े के बाद आतिशी को नया मुख्यमंत्री बनाए जाने पर पार्टी के विधायक दल की बैठक में सहमति बनी. विधायक दल की बैठक में खुद अरविंद केजरीवाल ने आतिशी के नाम का प्रस्ताव रखा. रविवार को जब अरविंद केजरीवाल ने आम आदमी पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा था कि वह दो दिन बाद इस्तीफ़ा दे देंगे, तभी से इस पद की दौड़ में आतिशी का नाम भी शामिल था. हालांकि, उनके अलावा गोपाल राय और कैलाश गहलोत के साथ ही अरविंद केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल के नामों पर भी चर्चा थी. लेकिन अब 43 साल की आतिशी के नाम पर मोहर लग गई है. विधानसभा चुनावों तक आतिशी दिल्ली की मुख्यमंत्री रहेंगी.
दिल्ली की तीसरी मुख्यमंत्री बनी आतिशी
2020 विधानसभा चुनाव के बाद केजरीवाल की कैबिनेट में आतिशी समेत किसी भी महिला को जगह नहीं मिली थी. तब आतिशी को कैबिनेट में जगह ना दिए जाने को लेकर पार्टी के ही कुछ नेताओं ने इस कदम की आलोचना की थी. ये वह चुनाव था जब आम आदमी पार्टी को 70 में से 62 विधानसभा सीटों पर जीत मिली थी. इनमें से आठ महिला विधायक थीं. लेकिन इसके बाद भी अरविंद केजरीवाल ने अपनी कैबिनेट में एक भी महिला नेता को जगह नहीं दी थी. लेकिन वक्त के साथ-साथ दिल्ली के राजनीतिक हालात भी बदले. मनीष सिसोदिया, संजय सिंह और फिर खुद अरविंद केजरीवाल के जेल जाने के बाद आतिशी सरकार से लेकर पार्टी तक के मसले पर मोर्चा संभालते दिखीं. आतिशी साल 2023 में पहली बार केजरीवाल सरकार में शिक्षा मंत्री बनीं थी।