राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को मलावी के राष्ट्रपति लाजारस मैकार्थी चकवेरा से मुलाकात की और कृषि, खनन, पर्यटन तथा ऊर्जा समेत अनेक क्षेत्रों में द्विपक्षीय साझेदारी को मजबूत करने के तरीकों पर ‘सार्थक’ चर्चा की। मुर्मू अफ्रीका के तीन देशों की अपनी यात्रा के अंतिम चरण में बृहस्पतिवार को मलावी पहुंचीं। उनकी उपस्थिति में कला और संस्कृति, खेल और फार्मास्युटिकल सहयोग समेत अनेक क्षेत्रों में समझौता ज्ञापनों पर भी हस्ताक्षर किए गए।
मलावी की यात्रा करने वाली पहली राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अफ्रीकी देश मलावी की यात्रा करने वाली पहली भारतीय राष्ट्रपति हैं। चकवेरा ने ‘एक्स’ पर लिखा कि उन्हें मुर्मू की मेजबानी करके खुशी हुई, जिनके साथ बातचीत कृषि, खनन, पर्यटन, ऊर्जा, व्यापार, खेल, स्वास्थ्य और शिक्षा में अधिक लाभ के लिए मलावी-भारत संबंधों को मजबूत करने पर केंद्रित थी। मुर्मू के कार्यालय ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘दोनों नेताओं ने भारत-मलावी रिश्ते को और प्रगाढ़ करने के लिए विभिन्न मुद्दों पर सार्थक चर्चा की।’’
सैनिकों को श्रद्धांजलि दी
राष्ट्रपति ने मलावी में एक स्थायी कृत्रिम अंग फिटमेंट सेंटर (जयपुर फुट) ने में भारत सरकार के सहयोगी की भी घोषणा की।मुर्मू ने इससे पहले यहां राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर जाकर प्रथम और द्वितीय विश्व युद्धों में जान गंवाने वाले सैनिकों को श्रद्धांजलि दी, जिनमें भारतीय सैनिक भी शामिल थे। मुर्मू ने मलावी के प्रथम राष्ट्रपति डॉ हैस्टिंग्स कामुजू बांडा के समाधि स्थल-कामुजु मकबरे पर भी पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने बृहस्पतिवार को यहां भारतीय समुदाय को संबोधित किया था और उन्हें दोनों देशों के बीच कड़ी बताया।
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राष्ट्रपति ने भारत-मलावी उद्यमी सम्मेलन को भी संबोधित किया और कहा कि कृषि, खनन, ऊर्जा और पर्यटन के क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग के विस्तार की अपार संभावनाएं हैं। लिलोंग्वे स्थित कामुजू अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचने पर उपराष्ट्रपति माइकल उसी ने मुर्मू का स्वागत किया। राष्ट्रपति अल्जीरिया और मॉरिटानिया की सफल यात्राओं के बाद यहां पहुंचीं हैं। दोनों देशों में मुर्मू ने द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ाने के लिए उन देशों के राष्ट्रपति के साथ बातचीत की थी।