HCA। मध्य प्रदेश ने प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन की श्रेणी में पहला नंबर हासिल किया है। बता दें कि स्वनिधि योजना के तहत रेहड़ी और पटरी वालों को कारोबार करने के लिए लोन उपलब्ध कराया जाता है। पीएम मोदी ने इस योजना की शुरुआत 2020 में की थी। इस योजना में रेहड़ी-पटरी वालों को 50 हजार रुपए लोन दिया जाता है।
दूसरे स्थान हासिल करने वाले राज्य असम
वहीं इस श्रेणी में असम ने दूसरा स्थान हासिल किया है। इसके अलावा शहरी स्थानीय निकायों (दस लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में दिल्ली ने प्रथम स्थान हासिल किया है। इसके बाद दूसरे नंबर पर बेंगलुरू महानगर पालिका और अहमदाबाद नगर निगम का स्थान है। कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने विजेताओं को पुरस्कार दिया ।
क्या है स्वनिधि योजना?
प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, जिसे PM Street Vendor’s AtmaNirbhar Nidhi (PM SVANidhi) योजना के नाम से भी जाना जाता है, भारत सरकार द्वारा जून 2020 में शुरू की गई थी। इस योजना का उद्देश्य देश के स्ट्रीट वेंडर्स को आर्थिक सहायता प्रदान करना है, ताकि वे अपने व्यवसाय को फिर से शुरू कर सकें और आत्मनिर्भर बन सकें।
योजना के मुख्य बिंदु
- लोन की सुविधा:
- स्ट्रीट वेंडर्स को 10,000 रुपये तक का प्रारंभिक कार्यशील पूंजी ऋण मिलता है।
- समय पर भुगतान करने पर ब्याज दरों में छूट मिलती है और बाद में बड़े ऋण प्राप्त करने की संभावना होती है।
- ब्याज सब्सिडी:
- समय पर ऋण चुकाने पर 7% प्रति वर्ष की ब्याज सब्सिडी मिलती है, जो सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में त्रैमासिक आधार पर स्थानांतरित की जाती है।
- डिजिटल लेन-देन को प्रोत्साहन:
- डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा देने के लिए कैशबैक की सुविधा दी जाती है।
- वेंडर्स को डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से लेन-देन करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
- ऋण की पात्रता:
- सभी स्ट्रीट वेंडर्स, जिन्होंने 24 मार्च 2020 से पहले अपना व्यवसाय शुरू किया था, इस योजना के लिए पात्र हैं।
- आवेदन प्रक्रिया:
- योजना के लिए आवेदन करने के लिए वेंडर्स को ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से आवेदन करने की सुविधा है। इसके लिए पंजीकृत संस्थाएं, जैसे बैंक और माइक्रोफाइनेंस संस्थाएं, सहायता प्रदान करती हैं।
उद्देश्य:
- कोविड-19 महामारी के दौरान और उसके बाद स्ट्रीट वेंडर्स को आर्थिक सहायता प्रदान करना।
- स्ट्रीट वेंडर्स को आत्मनिर्भर बनाना और उनके व्यवसाय को बढ़ावा देना।
- डिजिटल लेन-देन को प्रोत्साहित करना और वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देना।
इस योजना के माध्यम से सरकार का लक्ष्य है कि देश के छोटे विक्रेताओं को सशक्त बनाकर उनकी आजीविका को सुरक्षित किया जा सके।