नीति आयोग ने 2070 तक देश को शुद्ध शून्य अर्थव्यवस्था (Net Zero Economy) बनाने के लिए बहु-क्षेत्रीय समितियों का गठन किया है। बता दें कि नीति आयोग ने 6 कार्य समूह बनाए हैं, जिसमें जलवायु वित्त, मैक्रोइकोनॉमिक संकेतक, महत्वपूर्ण खनिजों और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में नीति बनाने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
शुद्ध शून्य लक्ष्य को हासिल करने के लिए भारत की पहल
शुद्ध शून्य लक्ष्य को हासिल करने के लिए भारत निम्नलिखित चीजों पर कार्य कर रहा है –
जलवायु परिवर्तन पर राष्ट्रीय कार्य योजना: इसका उद्देश्य जनप्रतिनिधियों, विभिन्न सरकारी अभिकर्त्ताओं, वैज्ञानिकों, उद्योग और समुदायों के बीच जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न खतरे और इससे निपटने के बारे में जागरूकता उत्पन्न करना है।
भारत ने कॉन्फ्रेंस ऑफ पार्टीज-26 (COP) ग्लासगो शिखर सम्मेलन में वर्ष 2070 तक अपने उत्सर्जन को शून्य तक कम करने की प्रतिबद्धता जताई है।
इसके लिये भारत ने 5-आयामी ‘पंचमित्र’ जलवायु कार्रवाई लक्ष्य की रूपरेखा तैयार की:
वर्ष 2030 तक 500 गीगावाट गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता तक पहुँच।
वर्ष 2030 तक अपनी ऊर्जा आवश्यकताओं का 50% नवीकरणीय ऊर्जा से आपूर्ति करना।
अभी से वर्ष 2030 तक कुल अनुमानित कार्बन उत्सर्जन में 1 बिलियन टन की कमी।
वर्ष 2005 के स्तर से वर्ष 2030 तक अर्थव्यवस्था की कार्बन उत्सर्जन तीव्रता में 45% की कमी।
वर्ष 2070 तक शुद्ध शून्य उत्सर्जन के लक्ष्य को प्राप्त करना।