HCA। प्रसारण सेवा-विनियमन विधेयक 2023 भारत सरकार द्वारा प्रसारण सेवाओं के नियमन के लिए प्रस्तावित एक प्रमुख विधेयक है। यह विधेयक प्रसारण और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में एक अधिक सुसंगत और समन्वित नियामक ढांचा स्थापित करने के उद्देश्य से लाया गया है। इसके तहत, विभिन्न प्रसारण सेवाओं के नियमन को आधुनिक और प्रभावी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल हैं।
प्रसारण सेवा-विनियमन विधेयक 2023 में शामिल कुछ प्रमुख बिंदु निम्नलिखित हो सकते हैं:
- नियामक प्राधिकरण की स्थापना:
- एक स्वतंत्र और प्रभावी नियामक प्राधिकरण की स्थापना, जो प्रसारण सेवाओं के नियम और मानदंडों को लागू करेगा। यह प्राधिकरण प्रसारण की गुणवत्ता, सामग्री और अन्य संबंधित मुद्दों की निगरानी करेगा।
- लाइसेंसिंग और पंजीकरण:
- प्रसारण सेवाओं के लिए एक स्पष्ट और सरल लाइसेंसिंग प्रक्रिया। नए प्रसारण नेटवर्क या चैनलों के लिए लाइसेंस देने की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करना।
- सामग्री और विज्ञापन नियमन:
- प्रसारण सामग्री पर नियंत्रण के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश और नियम। इसमें असंवैधानिक या अनुचित सामग्री के खिलाफ कार्रवाई की व्यवस्था शामिल हो सकती है।
- डिजिटल और ओवर-द-टॉप (OTT) सेवाओं का नियमन:
- डिजिटल मीडिया और OTT प्लेटफॉर्म्स के लिए विशेष प्रावधान, जो इन नई तकनीकों और प्लेटफॉर्म्स के विकास को समायोजित करते हैं।
- उपभोक्ता अधिकार और शिकायत निवारण:
- दर्शकों और श्रोताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए एक प्रणाली। इसमें उपभोक्ता शिकायतों के समाधान के लिए एक सुव्यवस्थित प्रक्रिया शामिल हो सकती है।
- पारदर्शिता और रिपोर्टिंग:
- प्रसारण सेवाओं की पारदर्शिता बढ़ाने के लिए रिपोर्टिंग और निगरानी की आवश्यकताएँ।