नई दिल्ली। महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में मंगलवार को शुरू हुए एशिया के सबसे बड़े फिनटेक इवेंट में भारत की नई डिजिटल क्रांति की शुरुआत हुई। इस दौरान रिजर्व बैंक के गर्वनर संजय मल्होत्रा और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का पूरा फोकस डिजिटल सुविधाएं और आसान व सस्ती क्रेडिट पर रहा। दोनों ने जो प्रमुख घोषणाएं की, उनका सीधा फायदा आम लोगों, छोटे व्यापारियों और कम आय वाले लोगों को होगा। इसमें सबसे प्रमुख घोषणा सेकंड्स में मिलने वाले 15 हजार तक के लोन और यूपीआई से बिना इंटरनेट पेमेंट सुविधा की रही। यानी यदि शॉपिंग के दौरान पैसे खत्म हो जाएं तो आप कुछ बैंकों और फिनटेक कंपनियों से चंद सेकंड्स में 5 हजार से 15 हजार रुपए तक का लोन ले सकेंगे।
इसके अलावा वित्त मंत्री ने फॉरेन करेंसी सेटलमेंट सिस्टम की भी शुरआत की। इससे इंटरनेशनल फाइनेंशियल सर्विस सेंटर में विदेशी मुद्रा का लेने-देन रियल टाइम में हो सकेगा। अभी 48 घंटे तक लगते हैं। सबसे पहले इसे गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक सिटी में शुरू किया है। इससे भारत हॉन्गकॉन्ग, टोक्यो, मनीला जासे चुनिंदा फाइनेंशियल सेंटर्स की कतार में आ गया है।
फौरन सस्ते और छोटे लोन का नया युग
इसके लिए इंस्टेंट माइक्रो-क्रेडिट फ्रेमवर्क पेश किया गया है। इसमें नौकरीपेशा या छोटे कारोबारी सिर्फ अकाउंट एग्रीगेटर डेटा के जरिए 5000 रुपए तक के लिए छोटे लोन सेकंड्स में मंजूर करा सकेंगे। लोन मंजूरी के लिए बैंक की लंबी कागजी प्रक्रिया की जरूरत नहीं होगी, क्योंकि एग्रीगेटर से ग्राहक का इनकम डेटा फौरन और सुरक्षित तरीके से मिल जाएगा।
आरबीआई के गवर्नर मल्होत्रा ने संकेत दिया कि इस फास्ट-ट्रैक माइक्रो-लोन पर ब्याज दरें पारंपरिक पर्सनल लोन की तुलना में कम होंगी।इससे दिहाड़ी मजदूरों और स्वरोजगार करने वालों को वित्तीय सहायता मिल सकेगी। आसान फाइनेंस को टेक्नोलॉजी का सहारा मिलेगा।
तीस दिन के लिए मिलेंगे 15 हजार
अब चुनिंदा बैंक और फिनटेक कंपनियां यूपीआई यूजर्स को छोटी अवधि के लिए 5000 से 15000 रुपए तक की क्रेडिट लिमिट देंगी। इसका मतलब है कि ग्राहक यूपीआई स्कैन करते समय सीधे अपने बैंक अकाउंट की जगह क्रेडिट लाइन का इस्तेमाल कर पाएंगे। इससे महीने के अंत में नकदी की कमी होने पर भी खरीदारी नहीं रुकेगी।
फीचर फोन से भी यपीआई पेमेंट कर सकेंगे
ऑफलाइन यूपीआई उन छोटे दुकानदारों और रेहड़ी-पटरी वालों के लिए वरदान साबित होगी, जिसने पास स्मार्टफोन नहीं है या जहां इंटरनेट की सुविधा नहीं है। अब वे एक साधारण फीचर फोन के जरिए यूपीआई पेमेंट स्वीकार कर पाएंगे। यह टोकन बेस्ड सिस्टम पर काम करेगा। इससे दूरदराज के इलाकों में भी बिना इंटरनेट डिजिटल पेमेंट की सुविधा मिल सकेगी। 2024 की एक रिपोर्ट बताती है कि देश में अभी भी करीब 35 करोड़ लोग फीचर फोन का इस्तेमाल करते हैं। 2019 में यह आंकड़ा
40 करोड़ से ज्यादा था।
बैंकिग फ्रॉड का पता लगाएगा नया एआई सिस्टम
सभी प्रमुख बैंक अब एआई आधारित एक कॉमन फ्रॉड मॉनिटरिंग सिस्टम अपनाएंगे। यह सिस्टम असामान्य लेन-देन के पैटर्न को तुरंत पहचान लेगा और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर ग्राहक को सचेत करेगा। फिनटेक कंपनियों और बैंकों के लिए एक अनिवार्य वित्तीय साक्षरता इंडेक्स भी लागू करने की बात कही है। इसका लक्ष्य दो साल में 10 करोड़ लोगों को डिजिटल फ्रॉड से बचाने और सही फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स चुनने के लिए बारे में शिक्षित करना है।
