6 करोड़ के नामी नक्सली भूपति ने किया समर्पण

6 करोड़ के नामी नक्सली भूपति ने किया समर्पण

नई दिल्ली। वरिष्ठ नक्सली मल्लोजुला वेणुगोपाल राव उर्फ भूपति ने सोमवार रात 10 बजे महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में 60 अन्य नक्सलियों के साथ समर्पण कर दिया। प्रतिबंधित संगठन के प्रभावशाली रणनीतिकारों में से एक भूपति केंद्रीय समिति और पोलित ब्यूरो का सदस्य था। उस पर 6 करोड़ रुपए का इनाम था। नक्सलियों को होदरी गांव से गढ़चिरौली पुलिस मुख्यालय लाया गया, जहां उन्होंने 54 साथियों के साथ समर्पण किया। जब्त हथियारों में सात एके-47 और नौ इंसास राइफलें शामिल है।

सूत्रों के अनुसार भूपति ने लंबे समय तक महाराष्ट्र- छत्तीसगढ़ सीमा पर प्लाटून अभियानों की निगरानी की। हालांकि, हाल के महीनों में उसके और शीर्ष नक्सल नेतृत्व के बीच बढ़ते मतभेदों के कारण आंतरिक संघर्ष शुरू हो गया था। भूपति ने दावा किया था कि सशस्त्र संघर्ष विफल हो गया है। घटते जन समर्थन और सैकड़ों नक्सलियों की मौत का हवाला देते हुए शांति और वार्ता की ओर रुख करने की अपील की थी।

इस रुख का अन्य नक्सलियों ने विरोध किया और किसी अन्य नेता के नेतृत्व में लड़ाई जारी रखने का निर्णय लिया।

पद ने मिलने से था नाराज


भूपति ने सरेंडर का मन करीब दो महीने पहले ही बना लिया था। दरअसल, नक्सलियों के महासचिव रहे गगन्ना उर्फ बासव राजू उर्फ नंबाला केशव राव को 21 मई को अबूझमाड़ इलाके में सुरक्षाबलों ने मार गिराया था। भूपति को उम्मीद थी कि यह पद उसे दिया जाएगा। दौड़ में नक्सली नेता तिरुपति उर्फ देवजी का नाम भी शामिल था। इसमें तिरुपति ने बाजी मार ली। सोनू इसी के बाद से संगठन से नाराज था। इस बीच उसने अपनी पत्नी तारक्का से संपर्क किया, तो उसने भी सरेंडर के लिए प्रेरित किया।

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तारक्का ने कुछ महीने पहले ही गढ़चिरौली में सरेंडर किया था। अभी वह गढ़चिरौली में रह रही है। ऐसे में सोनू ने पत्नी और परिवार के साथ रहने के लिए गढ़चिरौली को चुना। सोनू ने हथियार डालने से पहले कोशिश की कि ज्यादा नक्सली उसके साथ सरेंडर करें। सोनू के साथ नक्सलियों के तीन और डिवीजन ने भी सरेंडर के लिए हामी भरी और 15 अक्टूबर की तारीख य की गई।