छत्तीसगढ़ में खुलेगा देश का पहला डिजिटल ट्राइबल म्यूजियम

छत्तीसगढ़ में खुलेगा देश का पहला डिजिटल ट्राइबल म्यूजियम

नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर में देश का पहला डिजिटल ट्राइबल म्यूजियम बनकर तैयार हो गया है। शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय आदिवासी नायकों की वीरता, बलिदान और संघर्ष की कहानी बताने को तैयार है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राज्य स्थापना दिवस के मौके पर 1 नवंबर को इस संग्रहालय का शुभारंभ करेंगे।

9.75 एकड़ में बने इस संग्रहालय को बनने में करीब 3 साल 5 महीने का समय लगा है। डिजिटल म्यूजियम के निर्माण में लगभग 50 करोड़ रुपए का खर्च आया है।

12 ट्राइबल विद्रोह, 2 सत्याग्रह की झांकी

शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय में स्वतंत्रता आंदोलन के समय छत्तीसगढ़
में हुए 12 आदिवासी विद्रोह और 2 सत्याग्रह का प्रदर्शन किया गया है। म्यूजियम में हल्बा विद्रोह, सरगुजा विद्रोह, भोपालपट्नम
विद्रोह, परलकोट विद्रोह, तारापुर विद्रोह, मुरिया विद्रोह, रानी चौरिस विद्रोह, भूमकाल विद्रोह, सोनाखान विद्रोह, झण्डा सत्याग्रह और जंगल सत्याग्रह के वीर आदिवासी नायकों के संघर्ष और शौर्य के दृश्य का जीवंत प्रदर्शन किया गया है।

पत्तियों पर 14 विद्रोहों का जीवंत वर्णन

म्यूजियम के मुख्य प्रवेश द्वा से एंट्री करते ही लगभग 1400 वर्ष पुराने साल वृक्ष की प्रतिकृति बनाई गई है। इसकी पत्तियों पर सभी 14 विद्रोहों का जीवंत वर्णन किया गया है। संग्रहालय के ओरिएंटेशन रूम की बाहरी दीवारों पर शहीद वीर नारायण सिंह की शहादत संबंधी जानकारी जैसे जेल रिकॉर्ड, सुनाई गई सजा के आदेश की कॉपी जैसे सभी मूल दस्तावेज को डिस्पले किया गया है। शहीद वीर नारायण सिंह के संघर्ष से संबंधित समाज द्वारा उपलब्ध कराई गई तलवार को भी संग्रहालय में संरक्षित कर प्रदर्शित किया गया है। साथ ही संग्रहालय परिसर में बिरसा मुंडा, रानी गाइडलो, गैंद सिंह, जैसे नायकों की प्रतिमा स्थापित की गई है।