नई दिल्ली। अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के खिलाफ रविवार को इतिहास का सबसे बड़ा प्रदर्शन हुआ है। करीब 70 लाख से अधिक लोगों ने अमेरिका में 2600 जगहों पर नो किंग्स नाम से निकाली गई रैलियों में शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि ट्रम्प की नीतियां अमेरिका को तानाशाही की ओर ले जा रही हैं।
शिकागो शहर में 1 लाख वॉशिंगटन डीसी में 2 लाख, लॉस एंजिलिस सिटी में 50 हजार और सैन डिएगो शहर में 25 हजार प्रदर्शनकारी शामिल हुए। टाइम्स स्क्वायर, बोस्टन कॉमन और अटलांटा सिविक सेंटर जैसे इलाकों में भारी भीड़ उमड़ी। सिएटल में लोगों ने स्पेस नीडल के पास डेढ़ किमी लंबी परेड निकाली।
ट्रम्प ने डाली एआई वीडियों
बता दें कि ट्रम्प ने 20 सेकंड का एआई-जनरेटेड वीडियो पोस्ट किया था। इसमें वे ताज पहने एक फाइटर जेट पायलट के रूप में दिखे, जिसके विमान पर किंग ट्रम्प लिखा था। वीडियो में ट्रम्प प्रदर्शनकारियों पर मल गिराते हुए दिखाए गए हैं। डेमोक्रेटिक नेताओं ने इस वीडियो को लोकतंत्र का अपमान बताया है।
विरोध क्यों ?
विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों का कहना है कि ट्रम्प प्रशासन ने लोकतंत्र, न्याय और नागरिक स्वतंत्रता पर हमला किया है। ओरेगन के शिक्षक शॉनथन थिबोडो ने कहा कि हम शांति से यह बताने आए हैं कि अमेरिका किसी राजा का देश नहीं है। उनका कहना है कि फेडरल सैनिकों की तैनाती रोकी जाए, इमिग्रेशन छापे बंद हो, महिलाओं और अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा हो।
