नई दिल्ली। मेडागास्कर में जेन-जी आंदोलन और सेना के तख्तापलट के तीन दिन बाद शुक्रवार को कर्नल माइकल रंद्रियनिरीना को देश का नया राष्ट्रपति घोषित कर दिया गया। राजधानी एंटानानारिवो में हाई कॉन्स्टिट्यूशनल कोर्ट में आयोजित समारोह में उन्होंने शपथ ली। इसके बाद कर्नल रंद्रियनिरीना ने कहा है कि अब देश की सत्ता एक सैन्य परिषद के हाथ में होगी। यह व्यवस्था 18 महीने से दो साल तक चलेगी। इसके बाद चुनाव कराए जाएंगे।
कर्नल रंद्रियनिरीना मेडागास्कर की एक खास सैन्य यूनिट के कमांडर है। उन्होंने बीते हफ्ते सरकार के खिलाफ बगावत कर सत्ता अपने हाथ में ले ली थी। इस दौरान एक सैनिक की मौत हुई । इसके बाद राष्ट्रपति एंड्री राजोएलिना देश छोड़कर भाग गए थे। यूएन ने सैन्य सत्ता को असंवैधानिक करार दिया है।
अफ्रीका में तेज हुआ जेन-जी आंदोलन
बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और आर्थिक असमानता से त्रस्त यह युवा पीढ़ी अब केवल विरोध नहीं कर रही, वह सरकारें बदल रही है। पिछले एक साल में केन्या, मेडागास्कर, मोरक्को और बोत्सवाना जैसे देशों में जेन-जी के नेतृत्व में व्यापक प्रदर्शन हुए। तीन देशों में राजनीतिक तख्तापलट या सत्ता परिवर्तन हुआ है।
मेडागास्कर में राष्ट्रपति हटे, मोरक्को में सेना ने हस्तक्षेप किया और केन्या में सरकार झुक गई। वहीं बोत्सवाना में युवाओं ने मतदान के जरिये 60 साल पुरानी सत्ता पलट दी। सोशल मीडिया से संगठित यह पीढ़ी अब लोकतंत्र, जवाबदेही और रोजगार की नई परिभाषा गढ़ रही है। फ्रस्टेड जेन-जी अब निर्णायक बन चुके हैं और इससे अफ्रीकी सियासतमें दहशत की लहर है।
