स्वच्छ भारत अभियान क्या है ?

स्वच्छ भारत अभियान क्या है ?

नई दिल्ली। भारत में स्वच्छता की गहरी ऐतिहासिक जड़ें हैं, जो सिंधु घाटी सभ्यता तक जाती हैं। स्वच्छता में सुधार की दिशा में भारत की यात्रा की शुरुआत वर्ष 1986 में केंद्रीय ग्रामीण स्वच्छता कार्यक्रम से हुई, जिसमें शौचलायों के निर्माण पर प्रमुखता से ध्यान दिया गया था। वर्ष 1999 में संपूर्ण स्वच्छता अभियान शुरू किया गया। वर्ष 2012 में निर्मल भारत अभियान से स्वच्छता के लिए समुदाय-नेतृत्व वाले दृष्टिकोणों पर ध्यान केंद्रित करते हुए इन प्रयासों का और विस्तार किया।

वर्ष 2014 में स्वच्छता कवरेज केवल 39 प्रतिश्त थी, जिससे 55 करोड़ से अधिक लोग, विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी शौचालय की सुविधा से वंचित थे और खुले में शौच करते थे। स्वच्छता संबंधी इन कमियों के कारण महिलाओं और बच्चों को असमानता का सामना करना पड़ा जिससे स्वास्थ्य और सुरक्षा जोखिम के साथ-साथ सामाजिक-आर्थिक चुनौतियां भी पैदा हुई।

पीएम मोदी द्वारा शुरुआत

प्रधानमंत्री मोदी द्वारा 2 अक्टूबर 2014 को स्वच्छ भारत अभियान की शुरुआत ने व्यवहार परिवर्तन, सामुदायिक भागीदारी, सार्वजनिक वित्तपोषण और राजनीतिक इच्छा-शक्ति पर फोकस के संदर्भ में एक आदर्श बदलाव को चिहित किया। इस अभियान ने वर्ष 2019 तक भारत को खुले में शौचमुक्त बनाने का एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया, जिसे समय पर प्राप्त किया गया।

स्वच्छ भारत अभियान के फोकस क्षेत्र

स्वच्छ भारत अभियान ने अब अपनी उपलब्धियों की संघारणीयता सुनिश्चित करने और व्यापक स्वच्छता मुद्दों से निपटने के लिए चरण-2 में अपने दायरे का विस्तार किया है। मुख्य फोकस क्षेत्रों में शामिल हैं –
-खुले में शौच संधारणीयता
-ठोस और तरल अपशिष्ट
-दृश्य स्वच्छता
-सामुदायिक सहभागिता और क्षमता-निर्माण