नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली की हवा में घुला जहर कम होने का नाम नहीं ले रहा। दिल्ली में मंगलवार को AQI 378 दर्ज हुआ। दुनिया भर के शहरों की एयर क्वालिटी मापने वाली स्विस कंपनी आईक्यूएयर के अनुसार दिल्ली दुनिया की तीसरा सबसे प्रदूषित शहर रहा। 425 AQI के साथ दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर लाहौर जबकि दूसरे नंबर पर सारायेवो था।
इस बीच दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने प्रदूषण पर प्रभावी अंकुश नहीं लगने पर माफी मांगी है। उन्होंने स्वीकारा कि प्रदूषण के कारण बच्चों की सेहत पर असर पड़ रहा है। सिरसा ने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती आप सरकार की नीतियों के कारण प्रदूषण समस्या बन गया है।
सिरसा ने सख्त प्रावधानों का भी ऐलान किया ह। इसके तहत गुरुवार से दिल्ली के पंपों पर बिना प्रदूषण कंट्रोल सर्टिफेकेट वाले वाहनों को फ्यूल नहीं दिया जाएगा। साथ ही दिल्ली के बाहर के बीएस-6 वाले वाहनों को एंट्री दी जाएगी। दिल्ली के भीतर निर्माण सामग्री के परिवहन पर भी रोक जारी रहेगी। निर्माण सामग्री का परिवहन करते वाहनों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। ऐसे वाहनों को सीज करने की कार्रवाई भी होगी।
कई उड़ानें रद्द
मंगलवार को घने कोहरे के कारण लो विजिबिलिटी के चलते हवाई सफर बाधित हुआ। दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट के अनुसार कुल 126 उड़ानें रद्द हुई। इनमें से 52 प्रस्थान और 79 आगमन वाली उड़ानें थी। रद्द हुई 131 उड़ानों में से 113 उड़ानें इंडिगो एयरलाइंस की थी।
इसी बीच, इंडिगो ने देर शाम एक बयान जारी कर यात्रियों से अपील की है कि घने कोहरे के कारण आने वाले दिनों में भी उड़ाने रद्द होने का सिलसिला बना रह सकता है। ऐसे में सभी यात्री उड़ानों के बारे में पड़ताल करने के बाद एयरपोर्ट पहुंचे
कैसे कम करे प्रदूषण
दिल्ली की हवा को साफ रखने के लिे कोई जादू नहीं बल्कि कुछ आवश्यक उपायों को लागू करने की जरूरत है। लगातार मॉनिटरिंग नहीं हो रही है और न ही किसी की कोई जवाबदेही है। इसके लिए पांच पॉइंट्स पर काम करना जरूरी है। इनमें लॉग टर्म प्लानिंग, टाइम बाउंड इंप्लीमेंटेशन, कारगर मॉनिटरिंग, मजबूत कॉर्डिनेशन और जवाबदेही शामिल है।
चीन ने बीजिंग में 800 एक्यूआई तक को काबू में लाने में सफलता पाई थी। वहां एयर कमिश्नर नियुक्त किए और उन्हें क्रियान्वयन का जिम्मा सौंप। पॉल्यूशन कंट्रोल नहीं हुआ तो अंतिम तौर पर कमिश्नर ही जवाबदेह होगा।
अस्पतालों में बढ़े मरीज
दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण का असर लोगों की सेहत पर देखने को मिल रहा है। इन दिनों अस्पतालों की ओपीडी में मरीजों की संख्या में 21 से 29 प्रतिश्त तक वृद्धि देखी गई है। एक्सपर्ट की माने प्रदूषण में हवा लेना काफी खतरनाक हो सकता है।
इसमें सिर्फ धूल ही नहीं, ब्लकि पीएम 2.5 जैसे सूक्ष्म कण और 8 प्रमुख जहरीली गैसें शामिल होती है, जो शरीर के इम्यून सिस्टम को कमजोर कर सकती है। इसके अलावा प्रदूषण के कारण फेफड़े, दिल, किडनी और दिमाग को भी काफी ज्यादा नुकसान होता है।
