कुछ दिनों पहले स्पेन के उत्तरी अफ्रीकी क्षेत्र सेउता में सीमापार से पहुंचे हजारों प्रवासी अब मोरक्को वापस जा रहे हैं। स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार भूख, थकान, पुलिस की सख्ती के कारण यह लोग वापस अपने देश मोरक्को लौट रहे हैं।
बता दें, गुरुवार से शुक्रवार के बीच 50,000 से 60,000 लोग जमीन और समुद्र के रास्ते सेउता में दाखिल हुए थे, जिसके बाद स्पेनिश प्रशासन द्वारा इन सभी लोगों को संभाल पाना काफी ज्यादा मुश्किल था।
प्रवासियों द्वारा बॉर्डर पार करने की इस घटना में कुल 67 लोगों की मौत हुई थी। कुछ लोग समुद्र में डूब गए थे, वहीं कई लोगों की मौत भगदड़ में कुचले जाने से हो गई थी। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पिछले 48 घंटों के अंदर 48 हजार से ज्यादा लोग वापस अपने देश चले गए हैं।
वापस जाने का मुख्य कारण
कई प्रवासियों ने सोशल मीडिया पर वायरल वीडियों को देखकर स्पेन में घुसने की योजना बनाई थी। मीडिया से बात करते हुए प्रवासियों ने बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो के बाद लोग सेउता पहुंचे थे, वीडियो में दावा किया गया था कि स्पेन कड़ी सुरक्षा वाली सीमा को पार करके और वहां से यूरोप तक पहुंचा जा सकता है। लेकिन हकीकत में ऐसा कर पाना काफी ज्यादा मुश्किल था।
फेज शहर में रहने वाले इब्राहिम ने बताया कि पिछले तीन दिनों से वह पानी पीकर जिंदा रहे सके, क्योंकि यहां खाना महंगा हो गया था। एक ट्यूना सैंडविच 100 दिरहम में दुकानदार बेच रहे थे।
अचानक इतनी बड़ी संख्या में लोगों के आने से स्थानीय दुकानें और सुपरमार्केट कई दिनों तक बंद रही, जिससे प्रवासियों को गीले कपड़ों में खुले आसमान के नीचे सोना पड़ा और खाने की तलाश करनी पड़ी।
एक व्यक्ति ने बताया कि वह आठ दिन तक सेउता में रहा उसको सोने के लिए शेल्टर में बेड भी मिल गया था, लेकिन खाने की व्यवस्था ना होने के कारण उसे अपने देश वापिस जाना पड़ा।
स्थानीय निवासियों पर लगाए आरोप
कुछ प्रवासियों ने सेउता के एल प्रिंसिपे इलाके (जो मुख्यतः मोरक्कन आबादी वाला क्षेत्र है) के निवासियों पर उन्हें जबरन भगाने का आरोप लगाया। एक प्रवासी यासीन इचौ ने दावा किया कि उस पर हमला किया गया। हालांकि रॉयटर्स इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर सका। स्पेन के गृह मंत्रालय ने बताया कि चाकू से जुड़ी दो अलग घटनाओं में मामूली चोटें आईं और एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया गया।
मुख्य भूमि स्पेन क्यों नहीं जा सके?
प्रवासियों की सबसे बड़ी गलतफहमी यह थी कि सेउता पहुंचते ही मुख्य भूमि स्पेन और बाकी यूरोप में प्रवेश स्वतः मिल जाएगा। लेकिन स्पेनिश अधिकारियों के अनुसार सेउता को शेंगेन क्षेत्र की बाहरी सीमा माना जाता है, इसलिए यहां से मुख्य भूमि जाने वालों को पुलिस पहचान जांच से गुजरना पड़ता है — यानी दोहरी सीमा जांच व्यवस्था लागू होती है।
स्पेन सरकार ने यह दावा भी खारिज किया कि उसकी 5 लाख से अधिक अनियमित प्रवासियों को वैध बनाने की योजना इस उछाल की वजह बनी, क्योंकि इस योजना के लिए आवेदकों को 1 जनवरी 2026 से पहले स्पेन में रह रहा होना जरूरी है।
समुद्र में तैरता अवरोधक
व्यवस्था बहाल होने के बाद स्पेन ने सीमा को और मजबूत करना शुरू किया। शनिवार को सिविल गार्ड ने तराजाल समुद्र तट पर 500 मीटर लंबा तैरता हुआ अवरोधक (फ्लोटिंग बैरियर) लगाना शुरू किया, जो पानी की सतह से 30-70 सेंटीमीटर ऊपर और एक मीटर तक नीचे तक फैला है। गृह मंत्री फर्नांडो ग्रांडे-मार्लास्का ने कहा कि रात में होने वाली घुसपैठ अब लगभग शून्य हो गई है।
मोरक्को को बताया ‘भरोसेमंद साझेदार’
मंत्री ग्रांडे-मार्लास्का ने कहा कि इतने बड़े स्तर पर घुसपैठ की कोई पूर्व खुफिया जानकारी नहीं थी, फिर भी उन्होंने मोरक्को को “पूरी तरह भरोसेमंद साझेदार” बताया और सीमा पर 24 घंटे में नियंत्रण बहाल करने का श्रेय मोरक्को के सहयोग को दिया। प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने इन घटनाओं को स्पेन की क्षेत्रीय संप्रभुता का उल्लंघन बताया।
यूरोप में राजनीतिक हलचल
इस संकट ने यूरोपीय संघ में प्रवासन को लेकर बहस फिर छेड़ दी है। 22 EU सदस्य देशों ने आपात बैठक बुलाने की मांग की है। वहीं इटली ने स्पेन से आने वाली उड़ानों और जहाजों पर अस्थायी सीमा जांच लागू कर दी है। सांचेज ने स्पेन को शेंगेन क्षेत्र से निलंबित करने के प्रस्तावों को “स्वार्थी और गैरकानूनी” करार दिया।
कुछ प्रवासी अब भी लौटने को तैयार नहीं
तमाम मुश्किलों के बावजूद हर कोई वापस जाने को तैयार नहीं है। सूडानी प्रवासी मोहम्मद अहमद ने कहा कि वह सेउता पहुंचने के लिए चार घंटे तैरे थे और अब वापस नहीं जाएंगे, भले ही जान चली जाए। 23 वर्षीय मोरक्कन मोहम्मद हतरी ने भी कहा कि चाहे कुछ भी हो जाए, वे भूखे रहकर भी वहीं डटे रहेंगे।
