जल जीवन मिशन

जल जीवन मिशन

नई दिल्ली। बार-बार सूखे के प्रकोप, बढ़ते मरुस्थलीकरण और पानी की अपर्याप्त उपलब्धता से आज दुनिया भर में पानी की किल्लत महसूस की जा रही है। मानवीय विकास के लिए स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। पानी और स्वच्छता की सुविधाओं तक सबकी पहुंच सुनिश्चित करने संबंधी सतत विकास लक्ष्य-6 में इन बुनियादी सुविधाओं से वंचित उन लोगों तक इनकी उपलब्धता सुनिश्चित करने की बात कही गई है। जल प्रबंधन को चिरस्थायी बनाए रखने के लिए आम लोगों को केंद्र में रखकर रणनीति बनायी गयी है। ताकि उनकी भागीदारी को प्रोत्साहित और सुनिश्चित किया जा सकते हैं।

जल जीवन मिशन की शुरुआत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छ पेय जल के महत्व को बहुत पहले महसूस कर लिया था और अगस्त 2019 में ही जल जीवन मिशन के तहत पाइप लाइनों के जरिए घरों तक पानी की आपूर्ति करने की घोषणा कर दी थी। इस पहल के जरिए देश में 2024 तक प्रत्येक ग्रामीण परिवार को पाइप वाले पानी का कनेक्शन उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। मिशन के जरिए जल-स्त्रोत की निरंतरता बनाए रखने के लिए अनिवार्य उपाय करने का भी प्रावधान किया गया है। इन उपायों में जल स्त्रोत का पुनर्भरण और अवजल प्रबंध के जरिए गंदे पानीको फिर से उपयोग में लाने योग्य बनाना, जल सरंक्षण और वर्षा जल संचय भी शामिल हैं।

जल जीवन मिशन पानी के बारे में सामूहिक दृष्टिकोण अपनाने पर आधारित है जिसमें पानी के लिए जनांदोनल चलाकर इसे हरएक व्यक्ति की प्राथमिकताओं में शामिल किया जाता है। इसमें सबसे बड़ी चुनौती जल आपूर्ति प्रणाली की निरंतरता बनाए रखने की है। जल जीवन मिशन में पानी से जुड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की कमियां की पहचान की गयी है और मिशन में इस बात पर जोर दिया गया है कि इसका उद्देश्य निरंतरता बनाए रखना है ताकि पाइप लाइनों और नली से पानी की आपूर्ति जारी रह सके।

जल जीवन मिश्न अन्य विकासशील देशों के लिए भी एक अनुकरणीय मॉडल बन सकता है और वे भी इसे अपनाकर एसडीजी-6 के लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं। इससे पहले चलाए गये स्वच्छ भारत अभियान 2.0 के अंतर्गत जैव-अपघटनई ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, अवजल प्रबंधन और मल-जल प्रबंधन के कार्यक्रमों से अगले स्तर तक ले जाने का प्रयास किया जा रहा है।